Tuesday, April 7, 2015

It's Broken

 
 
 
हाँ नहीं आया मुझे।
तुम्हारी तरह
दुनिया को इस टूटे दिल का दर्द दिखाना।
हाँ नहीं आया मुझे
हर रात नशे में गाफिल होकर घर लौट आना।
किसी के कुछ पूछ लेंने भर से आपे से बाहर आ जाना।
नहीं आया मुझे
जुदाई के दर्द को कश ब कश सिगरेट के छल्ले बना कर हवा मैं उड़ाना।
मुझे आया तो बस चाय ठंडी हो जाने तक रुक कर तुम्हारा इन्तजार करना।
नहीं आया मुझे जाम पर जाम उठा कर गम को काफूर करना।
मैं तो बस अपने काम में आकंठ डूब कर भुलाती रही गम करना।
नहीं आया मुझे किसी कोकीन के इंजेक्शन से तुम्हे भूलना।
मुझे तो बस आया तुम्हारी यादों की अलमारी पर ताला लगाना।
नहीं आया मुझे हर रात सडकों में तमाशे करना।
नहीं आया मुझे किसी और से जुड़ कर भूलाना।
नहीं आया मुझे बस बिना मुड़े चले जाना।
नहीं आया मुझे अंधेरों में खोना।
मुझे आया तो बस रात के अंधेरों में हमारी उस सुहाग रात वाली पलंग पर तकिए से चिपक कर चुप चाप सो जाना।
और अपनी आती जाती सांसों में तुम्हे महसूस कर लेना।
- Ashita VD

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