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Thursday, April 23, 2015

सवाल The Question

 
 
सवाल नहीं करते?
आज भी जब मेरे पैर पड़ते है मरीन ड्राइव की उस बाउंड्री पर
तो चीख कर वो मुझसे तेरा पता पूछती हैं।
 
हाजी अली की दरगाह का वो रास्ता
मेरा हाथ खाली देख कर समुद्र में छिप जाता हैं।
 
दादर स्टेशन का वो छोटू
दीदी, भैया कहां हैं पूछ जाता हैं।
 
सीएसटी का वो पान वाला आज भी
पैसे किसके खाते में लिखूं सवाल करता हैं।
 
बोरीवली का वो नैशनल पार्क अब मेरे हांफ जाने पर
सहारा देने के लिए तुझे पुकारा करता है।
 
हर बार कुछ खाने पर गालों पर फैला अन्न
मुंह पोंछ देने को तेरा रुमाल मांगता है।
 
फिल्म देखने से मुड चुकी मेरी गर्दन
सहारा देने के लिए तेरा ही कंधा मांगती है।
 
माउंट मेरी की वो सीढ़ियां पूछा करती है
कि मुझे गोद में उठा कर बिना हांफे दौड़ने वाला कहां है।
 
आसमां में उगा सूरज भी पूछा करता है
कि क्यों अब वह हमारी उंगलियों के बीच से नहीं निकल पाता है।
 
मेरे घर का वह बिस्तर पूछा करता है
कि क्यों अब उसमें लिपट कर सोने वाला नहीं आता है।
 
वर्सोवा का वो किनारा पूछा करता है
कि अब तू पैर भिगोने कहा जाता है।
 
सड़क पर भौंकने वाला कुत्ता भी पूछा करता है
कि डर से तू जिसे लिपटा करती थी वो कहा गया।
 
चेहरे पर आ लटकी जुल्फे भी पूछा करती है
उन्हें हटाने वाला अब कहा गया।
 
माथे पर आ जमी पसीने की बूंदे पूछा करती है
कि उसे पोंछने वाला कहा गया।
 
न जाने कितनी सखियां कितने परिचित और कितने रास्ते पूछा करते है
तू कहां गया
क्या कोई तूझसे नहीं पूछा करता
क्या कोई तूझे सवाल नहीं करता
करता है तो क्यों तू उन सवालों से हलकान नहीं होता।
 
 
 
 

Thursday, August 7, 2014

वो टैटू …… That Tattoo


लंबा अरसा नहीं हुआ था उन्हें, पर दोनों की मोहब्बत बेइंतेहा थी। एक दिन ना मिले तो बैचेन हो जाते थे दोनों, मोबाईल की बैटरी तो जैसे सारे दिन आखिरी साँस को ही संघर्ष करती रहती थी। कनिका के बिना नीरज की ना सुबह होती थी ना शाम।
महीनों बाद एक दिन अचानक दोनों की रूहानी करीबी जिस्मानी करीबी में तब्दील हो गई। नीरज की गर्म सांसों को खुद में समेटे कनिका घर लौट आई और उसनें फैसला किया जिंदगी नीरज का हाथ थाम कर बिताने का।
अपने इस पहले यादगार महामिलन का तोहफा देने के लिए उसनें नीरज यानी कमल का एक खूबसूरत टैटू गर्दन के पीछे  गुदवा ड़ाला, नीरज को कॉल करने ही वाली थी कि उसका मैसेज आ गया।  जगह तय हुई और कनिका ऑफ़ डीप नेक कुर्ता पहने पहुंची। 
उसे देखते ही नीरज तीर की तरह शुरू हो गया, 'देख कनिका में वूमनाइजर नहीं हूँ, मैं तुझसे शादी नहीं कर पाउँगा, ना ही घर पे अफेयर की बात कह पाउँगा, माँ बाप ने बड़े जतन से बड़ा किया है, उन्हें कैसे कहूँगा की मैं किसी का आशिक हूँ, एक बार हम आगे बढ़ गए है, अब दुबारा ना बढे, इसलिए आज मैं तुमसे ब्रेक अप करता हूँ. अगर, मेरा सम्मान तुम्हे मायने रखता है तो मेरी कसम कभी मुझे कॉल या मैसेज न करना।'
नीरज बस मुड़ा और चल दिया। कसम से बंधी कनिका की तो इतनी भी हिम्मत ना हुई कि दुपट्टा गिरा कर उसे वो टैटू दिखा सके
। क्या प्यार हो जाना भी कभी प्यार ख़त्म करने की वजह हो सकता है, सोचती रह गई वो।





Sunday, May 6, 2012

सेलेब्रिटी होने की कीमत


आये दिन अखबार अटे पड़े रहते हैं, ऐश्वर्या राय बच्चन के वजन से जुड़े समाचारों से. प्रेगनेंसी के पांच महीने बीतने के बाद ऐश्वर्या राय का बढ़ता मोटापा इन दिनों हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है. मोटी हो जाने के कारण बच्चन बहू की कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं. हाल ही में मुकेश अंबानी की पार्टी में पहुंची ऐश की तस्वीरें प्रकाशित होने के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है. तस्वीरों के इंटरनेट और सोशल मीडिया में आने के बाद लोग इस पर बिल्कुल हैरान हैं। कुछ का कहना है कि ऐश्वर्या अपने वजन को को लेकर गंभीर नहीं है  तो कुछ लोग जोर शोर से उनकी मजाक उडा रहे हैं. लेकिन क्यू यह हैं बहुत स्वाभाविक प्रक्रिया हैं जब गर्भावस्था के दौरान एक स्त्री का वजन बढ़ जाता हैं. इस दौरान उनके शरीर में दो जाने पलती हैं और अपने बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य के लिये उसे विटामिन युक्त संतुलित आहार लेना ही होता हैं. बच्चे के जन्म के बाद ज्यादातर माएं मोटी हो ही जाती हैं जो अपने आप ठीक हो जाता हैं. कहते हैं माँ बनकर ही एक औरत को अपने औरत होने पर घमंड होता हैं माँ बनकर ही वह अपने आप को पूरी तरह से औरत महसूस करती हैं. माँ होंने का एहसास एक औरत का और भी खूबसूरत बना देता हैं. यही बात बच्चन बहु पर भी तो लागू होती हैं. वह नारी होने के सुख को उठा रही है क्या हक है हमे उनके इस सुख में खलल डालने का.

किसी भी अन्य महिलाओं की तरह ही गर्भावस्था में बढ़े वजन को घटाने में उन्हें कुछ समय लगेगा ही. वह एक बड़ी  सेलिब्रिटी हैं और हमें उनकी दाद देनी चाहिए की वह इस रूप में भी मीडिया के सामने आने से नहीं हिचकिचा रही हैं. वे अपने मातृत्व का सुख ले रही हैं. एक माँ होने के एहसास को महसूस कर रही हैं एन्जॉय कर रही हैं. प्रेगनेंसी के बाद वजन कम करने में वक्त लगता है.  ऐश के वजन को लेकर लोग इतने चिंतित क्यों हैं यह उनका पर्सनल मुद्दा हैं जन उन्हें व्यावसायिक तौर पर या फिल्मो के लिये या फिर अपने व्यक्तिगत जीवन में वजन कम करने की जरुरत महसूस होगी वे कर लेंगी. इसके लिये उनपर बाहर से दवाब बनाने की जरुरत क्या हैं. क्या एक मशहूर सेलेब्रिटी होंने का यही हर्जाना हैं कि आप उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर इतना चिंतित हो उसमे इतना दखल करे. स्टारडम की यह कीमत तो नहीं कि आप अपने बेहद व्यक्तिगत क्षणों का लोगो को मजाक उड़ाने दे. इतनी बड़ी सेलिब्रिटी होने के बावजूद वह अपने आपको छुपा नहीं रही हैं और मातृत्व का भरपूर आनंद ले रही हैं यह अच्छी बात है. वह इस वक्त को एन्जॉय कर रही हैं जब वजन कम करना होगा कर लेंगी. ऐसे में इस बात को लेकर इतना हो हल्ला मचाने की क्या जरुरत है. हम उन्हें प्यार करते हैं उन्हें सुनहरे पर्दे पर देखना चाहते हैं ठीक हैं. लेकिन क्या इसके लिये हम उन्हें वक्त नहीं दे सकते. अनर्गल और बेतुकी बाते करने से क्या सिद्ध होगा. क्या हम अपनी विश्व सुन्दरी को उनका जीवन उसके अनुसार नहीं जीने देंगे?